नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। मॉल रोड स्थित कैनेडी पार्क के पास करीब छह साल का एक बच्चा झील में कूद गया। घटना देखकर वहां मौजूद पर्यटकों ने शोर मचाया, जिसके बाद टैक्सी चालकों, नाव संचालकों और होटल गाइडों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्चे को झील से सुरक्षित बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, बच्चा सुबह करीब 7:45 बजे अलका बोट स्टैंड की जेटी तक पहुंचा और फिर झील में उतर गया। वहां मौजूद लोगों ने उसे पानी से बाहर निकालने के बाद पुलिस को सूचना दी। इसके बाद बच्चे को तल्लीताल कोतवाली ले जाया गया, जहां पुलिस ने उसकी पहचान कराने के प्रयास शुरू किए।
झील से बाहर निकाले जाने के बाद बच्चे के कपड़े पूरी तरह भीग चुके थे। इसी दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले उत्तराखंड उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश और उनकी पत्नी की नजर बच्चे पर पड़ी। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने घर से बच्चे के लिए सूखे कपड़े मंगवाए और उसे पहनाए।
वहीं, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीपमणि ने भी अपने कार्यालय के कर्मचारी यशवंत कुमार को बच्चे के परिजनों तक पहुंचने और उनकी जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी।
बच्चे की पहचान कराने के लिए स्थानीय लोगों और पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाई। बूचड़खाने क्षेत्र निवासी नवाब के अनुसार, बच्चे की पहचान के लिए हरिनगर, बूचड़खाने और वैष्णो देवी मंदिर क्षेत्र में भी पूछताछ की गई।
सुबह करीब 10 बजे जब बच्चे के परिजन सोकर उठे तो उन्हें बच्चा घर पर नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और तल्लीताल कोतवाली पहुंचे। वहां बच्चे को सुरक्षित देखकर उसकी मां भावुक हो गई और फूट-फूटकर रोने लगी।
परिजनों ने बताया कि बच्चा उनके सोने के दौरान सुबह घर का दरवाजा खोलकर बाहर निकल गया था। पुलिस ने आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद बच्चे को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।



