बारिश का दौर
नैनीताल: जिले में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को मौसम चुनौती बढ़ा सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने नैनीताल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई है। मौसम की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सतर्क रहने और आपदा से निपटने के लिए सभी जरूरी संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें लगातार सक्रिय रहें।
डीएम ने लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के संबंधित खंडों को संवेदनशील मार्गों और स्थानों पर जेसीबी मशीनों तथा गैंग कार्मिकों की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित करने को कहा है। बारिश, भूस्खलन या पेड़ गिरने से सड़क बाधित होने की स्थिति में मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी होगी।
जिला, परगना और विकासखंड स्तर पर आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के नामित अधिकारियों को अपने-अपने मुख्यालयों में हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। तहसील स्तर पर गठित क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगी।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन 24 घंटे चालू रखने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कार्मिकों और संसाधनों को भी अलर्ट पर रखा जाएगा। आपदा से होने वाले नुकसान की सूचना हर घंटे तहसील कंट्रोल रूम और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को उपलब्ध करानी होगी, ताकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।
आपात स्थिति में लोग जिला आपदा कंट्रोल रूम से इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
दूरभाष: 05942-231178, 05942-231179, 05942-231181
मोबाइल: 8272080884
टोल फ्री नंबर: 1077
जिलाधिकारी ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है। गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित पक्के मकान के भीतर रहने तथा पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है। लोगों से खिड़की-दरवाजे बंद रखने और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखने को भी कहा गया है।
ओलावृष्टि से बागवानी, खड़ी फसलों, खुले में खड़े वाहनों और पशुधन को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों को कटी हुई उपज सुरक्षित स्थान पर रखने और पशुओं को खुले में न बांधने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, नैनीताल के अलावा चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों में भी कहीं-कहीं गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित कंट्रोल रूम से संपर्क करने की अपील की है।



