देहरादून: उत्तराखंड में पिछले पांच वर्षों के दौरान 826 सरकारी प्राथमिक स्कूल बंद होने के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। पार्टी ने सरकार को 10 दिन का समय देते हुए स्कूलों को बंद किए जाने के कारणों और सरकारी शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
CJP के नॉर्थ जोन कोऑर्डिनेटर श्रेष्ठ सिंह ने रविवार को देहरादून में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। उन्होंने पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
CJP ने दावा किया कि प्रदेश के 270 सरकारी स्कूलों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यह आंकड़ा पार्टी के दावे के रूप में सामने आया है। पार्टी ने सरकार से इसकी स्कूलवार स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।
श्रेष्ठ सिंह ने मांग की कि बंद किए गए सभी 826 स्कूलों की स्कूलवार रिपोर्ट जारी की जाए। इसमें प्रत्येक स्कूल में छात्रों का नामांकन, शिक्षकों की संख्या, उपलब्ध सुविधाएं, स्कूल बंद किए जाने का कारण, आसपास की आबादी और निकटतम वैकल्पिक स्कूल की दूरी जैसी जानकारी शामिल हो।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 826 स्कूलों के बंद होने का आंकड़ा विधानसभा में दी गई सरकारी जानकारी से जुड़ा है। रिपोर्टों में स्कूल बंद होने का प्रमुख कारण शून्य छात्र नामांकन बताया गया है।
CJP ने सरकार से 10 दिनों के भीतर उत्तराखंड एजुकेशन रोडमैप जारी करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इसमें शिक्षकों की उपलब्धता, पेयजल, शौचालय, सुरक्षित स्कूल भवन, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर जिलावार लक्ष्य और समयसीमा तय की जानी चाहिए।
पार्टी ने पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग की है। इसमें स्कूल बस, मिनी बस या अन्य नियमित परिवहन व्यवस्था शामिल करने की मांग रखी गई है।
श्रेष्ठ सिंह ने कहा कि यदि सरकार 10 दिन के भीतर 826 बंद स्कूलों को लेकर स्पष्ट जवाब और शिक्षा व्यवस्था के लिए ठोस रोडमैप जारी नहीं करती है तो 2 अक्टूबर के बाद शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी ने प्रदेशभर में विरोध कार्यक्रम शुरू करने की चेतावनी दी है।
CJP की ओर से यह भी कहा गया है कि सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। यह मांग फिलहाल पार्टी की ओर से रखी गई है।



