नैनीताल: ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल से बीमारी के प्रकोप और असामयिक मृत्यु के मामले को स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी कार्रवाई करने और बीमार लोगों तक इलाज की सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नैनीताल को प्रभावित क्षेत्र में गहन सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जलजनित बीमारियों से प्रभावित और बीमार लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी, ताकि उनकी स्थिति के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रभावित क्षेत्र और आसपास के गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों का चिकित्सकीय परीक्षण किया जाएगा और जरूरत के अनुसार उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने दवाओं के वितरण में तेजी लाने और प्रभावित लोगों तक हर संभव चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की सभी संबंधित इकाइयों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने को कहा है।
मंत्री ने कहा कि जलजनित बीमारियों की स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को सभी जरूरी कदम उठाने होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और पेयजल विभाग की स्थानीय इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर बीमारी के प्रभावी नियंत्रण के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने बीमारी के प्रकोप से बचाव और नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से उठाए जा रहे कदमों और दैनिक गतिविधियों की जानकारी आम लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ साझा करने के निर्देश भी दिए हैं।
इसके साथ ही क्षेत्रवासियों से विभागीय चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ लेने की अपील का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर उपचार मिल सके।

