रामनगर: नैनीताल जिले के कालाढूंगी क्षेत्र में वन विभाग ने घायल अवस्था में मिली एक बाघिन का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है। करीब 8 से 10 महीने की इस बाघिन को प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बेहतर उपचार के लिए पीपलपड़ाव रेंज स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार बाघिन के शरीर के सभी अंग सुरक्षित हैं और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, तराई केंद्रीय वन प्रभाग की बरहनी रेंज के गड़प्पू बीट क्षेत्र में घायल बाघिन देखे जाने की सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम और पशु चिकित्सकों का दल मौके पर पहुंचा और पूरे एहतियात के साथ बाघिन का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
प्रारंभिक जांच में बाघिन की उम्र लगभग 8 से 10 महीने आंकी गई है। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान यह पाया गया कि उसके शरीर के सभी अंग सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की गंभीर बाहरी चोट के निशान नहीं हैं। हालांकि वह कमजोर और घायल अवस्था में थी, इसलिए उसे तत्काल चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता थी।
रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने बाघिन को पीपलपड़ाव रेंज स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र भेज दिया, जहां विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम उसकी लगातार निगरानी करते हुए उपचार करेगी। वन विभाग का कहना है कि बाघिन के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उसकी स्थिति का आकलन किया जाएगा और पूरी तरह स्वस्थ होने पर नियमानुसार उसे दोबारा उसके प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने पर निर्णय लिया जाएगा।
उप प्रभागीय वनाधिकारी मनप्रीत कौर ने बताया कि बरहनी रेंज के गड़प्पू बीट में घायल बाघिन मिलने की सूचना मिलते ही तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया गया। मौके पर ही चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया और सभी अंग सुरक्षित पाए गए। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं कोई वन्यजीव घायल या असामान्य स्थिति में दिखाई दे तो उसके पास जाने या उसे परेशान करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते उसका सुरक्षित रेस्क्यू और उपचार किया जा सके।
