नैनीताल: पिछले वर्ष मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई लोअर मॉलरोड के उपचार का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने सड़क के प्रभावित हिस्से में माइक्रो पाइलिंग, एसडीआरए ट्रीटमेंट और स्लैब डालने का काम पूरा कर लिया है। अब मार्ग को पैदल राहगीरों के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल विभाग की ओर से अस्थायी रैंप हटाने का काम किया जा रहा है।
पैदल आवाजाही शुरू होने के बाद मार्ग पर वाहनों के संचालन का ट्रायल किया जाएगा। यदि ट्रायल सफल रहता है तो एक सप्ताह के भीतर वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह बहाल किए जाने की उम्मीद है।
लोअर मॉलरोड पर धंसाव की समस्या नई नहीं है। वर्ष 2018 में भी इस मार्ग का करीब 25 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद लंबे समय तक यहां अस्थायी रोकथाम कार्यों के सहारे स्थिति संभाली जाती रही। पिछले वर्ष सितंबर में पुराने क्षतिग्रस्त हिस्से के ठीक बगल में सड़क का एक बड़ा भाग फिर धंस गया, जिसके बाद इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद करना पड़ा था।
इसके बाद लोनिवि ने करीब 70 मीटर प्रभावित हिस्से के उपचार के लिए 4.80 करोड़ रुपये की संशोधित लागत से नए सिरे से निर्माण और रोकथाम कार्य शुरू किए। अब विभाग ने इन कार्यों को पूरा कर लिया है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता रत्नेश कुमार सक्सेना ने बताया कि अस्थायी रैंप हटाने के बाद मार्ग पर पैदल आवाजाही शुरू कराई जाएगी। इसके बाद वाहनों के लिए ट्रायल रन आयोजित किया जाएगा। ट्रायल सफल रहने पर वाहनों का संचालन बहाल करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
इधर, लोअर मॉलरोड को पूरी तरह खोलने की मांग को लेकर मां नैना देवी व्यापार मंडल ने भी सख्त रुख अपनाया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने लोनिवि को चेतावनी दी है कि यदि 11 नवंबर तक मार्ग पूरी तरह नहीं खोला गया तो व्यापारी उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
उन्होंने प्रशासन से तय समय सीमा के भीतर मार्ग पर पैदल आवाजाही और यातायात सुचारू करने की मांग की है। लंबे समय से बंद पड़े इस मार्ग को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भी इंतजार बना हुआ है।



