भवाली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर नगर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शस्त्र पूजन की परंपरा का निर्वहन करते हुए देशभक्ति और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नित्यानंद जी ने उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना एक महत्वपूर्ण कदम है।
नगर संघचालक कैलाश सुयाल ने संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने को “देशभक्ति का महापर्व” बताते हुए पंच परिवर्तनों—शिक्षा, संस्कृति, समाज, अर्थ और पर्यावरण—पर कार्य करने का आवाहन स्वयंसेवकों से किया। उन्होंने कहा कि संघ ने सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए समाज में सेवा, एकता और जागरूकता का कार्य किया है।
नगर संघचालक राहुल कंसल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संघ के शताब्दी वर्ष पर जारी किए गए विशेष डाक टिकट और ₹100 मूल्य के स्मृति सिक्के को “देश का सम्मान” बताते हुए कहा कि यह संघ के कार्यकर्ताओं और राष्ट्र दोनों के लिए गर्व का विषय है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं से राष्ट्र सेवा में अग्रणी भूमिका निभाने की अपील की और संघ के आगामी 100 वर्षों को अधिक सशक्त, संगठित और राष्ट्रोन्मुखी बनाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में विधायक सरिता आर्या, नीमा बिष्ट, प्रमोद टंडन, सह संघचालक भुवन चंद्र, प्रमोद बिष्ट, प्रकाश आर्या, शिवांशु जोशी, राजेन्द्र कपिल, जुगल मठपाल, कंचनसाल साह, हेम आर्या, शुभम कुमार, लोकेश पालीवाल, मुकेश गुरुरानी, दिनेश जोशी, सहित अन्य स्वयंसेवक और नागरिक उपस्थित रहे।
फोटो: कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवक और अतिथियों का दृश्य

