प्रतीकात्मक तस्वीर
नैनीताल: दूसरे व्यक्ति को जान से मारने की धमकी देने और लाइसेंसी बंदूक से हवा में फायरिंग करने के मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने आरोपी व्यक्ति का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार देवीदत्त पुत्र हरिदत्त, निवासी डालकन्या गोनियारो, तहसील धारी (नैनीताल), हाल निवासी गंगा सूरजपुर कॉलोनी, हरिपुर कला, थाना रायवाला, जिला देहरादून द्वारा अपने आवास के बाहर खड़े होकर एक व्यक्ति को जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि देवीदत्त ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से हवा में फायर भी किया, जिससे न सिर्फ शिकायतकर्ता बल्कि पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए संबंधित व्यक्ति की लाइसेंसी बंदूक तत्काल थाने में जमा कराई गई। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की आख्या के अनुसार आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। जानकारी में यह भी सामने आया है कि आरोपी को पूर्व में न्यायालय द्वारा कारावास एवं ₹4000 के अर्थदंड से दंडित किया जा चुका है।
इसके अलावा देवीदत्त एनडीपीएस एक्ट के तहत भी दोष सिद्ध हो चुका है। जिलाधिकारी ने कहा कि यह तथ्य स्पष्ट करता है कि संबंधित व्यक्ति का आचरण कानून सम्मत, संयमित एवं जिम्मेदार नागरिक जैसा नहीं है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शस्त्र लाइसेंस किसी व्यक्ति का मौलिक अधिकार नहीं, बल्कि एक सशर्त विशेषाधिकार है, जो केवल ऐसे व्यक्ति को दिया जा सकता है जिसका आचरण समाज और लोक-शांति के लिए खतरा न हो।
उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में लाइसेंसी शस्त्र का प्रयोग आत्मरक्षा के लिए नहीं, बल्कि भय पैदा करने और धमकी देने के उद्देश्य से किया गया, जो शस्त्र अधिनियम की मूल भावना के विपरीत है। आरोपी का आपराधिक इतिहास, सिद्ध दोष और फायरिंग जैसी लापरवाह हरकत यह दर्शाती है कि भविष्य में भी शस्त्र के दुरुपयोग की प्रबल संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे व्यक्ति के हाथ में शस्त्र बने रहना लोक व्यवस्था, जनसुरक्षा और सार्वजनिक शांति के लिए गंभीर खतरा है। इन सभी तथ्यों, पुलिस रिपोर्ट और लोकहित को ध्यान में रखते हुए शस्त्र अधिनियम 1959 की सुसंगत धाराओं के तहत देवीदत्त भट्ट का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।
