नैनीताल में 9 अपराधियों पर गुंडा एक्ट
नैनीताल:: जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए 9 लोगों को गुंडा घोषित कर उन्हें 6 माह के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने (जिला बदर) के आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन के मुताबिक जिन लोगों पर यह कार्रवाई हुई है, उनमें राहुल (बंबाघेर, रामनगर) के खिलाफ जुआ अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के मामले दर्ज हैं। संजय आर्य (बागजाला, काठगोदाम) पर आबकारी, एनडीपीएस और आईपीसी के कुल 13 मुकदमे हैं। अनुज राज सिंह (चोरपानी, रामनगर) पर आईपीसी और शस्त्र अधिनियम के मामले दर्ज हैं। शाहिद (खताड़ी, रामनगर) और कौशल चिलवाल (इंदिरा कॉलोनी, रामनगर) पर भी कई आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं।
इसी तरह सलमान (बनभूलपुरा), मोहसिन (पप्पू का बगीचा, बनभूलपुरा), शादाब (बनभूलपुरा) और प्रदीप सागर अमन (लामाचौड़, मुखानी) के खिलाफ आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस, आबकारी और आईपीसी के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। प्रशासन का कहना है कि इन सभी का आपराधिक रिकॉर्ड गंभीर है और उनकी गतिविधियों से क्षेत्र में डर और असुरक्षा का माहौल बन रहा था। इसी आधार पर इन्हें 6 महीने के लिए नैनीताल जिले से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर, जांच के दौरान कुछ लोगों के व्यवहार में सुधार पाए जाने पर प्रशासन ने उन्हें राहत भी दी है। शनि बाबू (निर्मल कॉलोनी, लालकुआं), संजय बिनवाल (राजीव नगर, लालकुआं), हिमांशु शाही (दुगई स्टेट, भवाली), सूरज कुमार (देवलचौड़) और मोहम्मद आबिद (कालाढूंगी) के खिलाफ जारी गुंडा एक्ट की कार्रवाई को निरस्त कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि अपराध और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, जबकि जिन लोगों में सुधार देखने को मिलेगा, उन्हें नियमों के तहत राहत भी दी जाएगी।
