देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच कांग्रेस पार्टी को एक साथ कई बड़े नेताओं के जुड़ने से नई ताकत मिली है। बीजेपी से जुड़े तीन पूर्व विधायक, एक पूर्व मेयर और एक पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सहित कई नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है, जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
कांग्रेस नेतृत्व ने नए शामिल हुए नेताओं का स्वागत करते हुए भरोसा दिलाया कि पार्टी में उन्हें पूरा सम्मान और जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही, आम जनता से जुड़े मुद्दों—जैसे बेरोजगारी, महंगाई और विकास—को प्राथमिकता से उठाने की बात कही गई है।
पार्टी में शामिल होने वालों में रुद्रपुर से दो बार विधायक रहे राजकुमार ठुकराल, भीमताल से लखन सिंह, घनसाली से पूर्व विधायक भीम लाल आर्य, मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और सितारगंज से दो बार विधायक रहे नारायण पाल शामिल हैं। इसके अलावा रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल ने भी कांग्रेस का हाथ थामा है।
इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी का मानना है कि इन नेताओं के आने से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और चुनावी तैयारियों को गति मिलेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव से पहले इस तरह के दल-बदल आम होते हैं, लेकिन एक साथ कई प्रभावशाली चेहरों का कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ने के साथ-साथ संगठनात्मक ढांचे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं और अगला चुनाव 2027 में प्रस्तावित है। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने में जुट गए हैं। कांग्रेस इस बदलाव को अपने पक्ष में माहौल बनाने के रूप में देख रही है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहा है।
