हल्द्वानी: मुखानी क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती 17 वर्षीय किशोर की इलाज के दौरान मौत हो गई। किशोर कई दिनों से डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती था, जहां गुरुवार रात उसने दम तोड़ दिया। मामले के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और परिजन केंद्र संचालिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक मुखानी निवासी जया अधिकारी ने अपने बेटे को नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए 21 फरवरी को लामाचौड़ स्थित “संकल्प नशा मुक्ति समिति” में भर्ती कराया था। परिजनों का कहना है कि 21 अप्रैल को जब वे बेटे से मिलने पहुंचे तो उसकी हालत सामान्य थी, लेकिन चार दिन बाद केंद्र प्रबंधन ने फोन कर बताया कि किशोर अचानक बेहोश हो गया है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
24 अप्रैल को किशोर को एसटीएच में भर्ती कराया गया, जहां जांच में उसके लीवर और किडनी पर गंभीर असर मिलने की बात सामने आई। हालत लगातार बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
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परिजनों ने पहले ही केंद्र प्रबंधन पर मारपीट और लापरवाही के आरोप लगाए थे। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने जांच की तो पता चला कि संबंधित नशा मुक्ति केंद्र बिना वैध पंजीकरण के संचालित किया जा रहा था। जांच में किशोर की देखभाल में गंभीर लापरवाही भी सामने आई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 मई को एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देश पर केंद्र संचालिका आयुषी कपिल के खिलाफ मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम-2017 समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे किशोर के चाचा गौरव बिष्ट ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
