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देहरादून: उत्तराखंड में मानसून लगातार कहर बरपा रहा है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान जोरदार बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारी बारिश के कारण जगह-जगह सड़कें बंद हैं, बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है और कई इलाकों में भूस्खलन व नदी कटाव की घटनाएं सामने आई हैं। प्रदेश में फिलहाल 195 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिन्हें खोलने का काम लगातार जारी है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने अगले 24 घंटों के लिए उत्तराखंड के सात जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अलर्ट के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश में औसतन 52.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 206 मिलीमीटर बारिश ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश से कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं।
एनडीएमए के ‘सचेत’ प्लेटफॉर्म पर जारी चेतावनी के अनुसार देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में अचानक जलभराव, पहाड़ियों से मलबा आने, भूस्खलन और छोटे नालों के उफान पर आने की आशंका जताई गई है।
लगातार बारिश का असर सड़क यातायात पर भी पड़ा है। कई प्रमुख और ग्रामीण मार्ग बंद होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित विभाग जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से बंद मार्गों को खोलने में जुटे हुए हैं।
मौसम और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग भूस्खलन संभावित स्थानों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

