देहरादून: उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार तेज होता जा रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सबसे गंभीर स्थिति को देखते हुए ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे प्रदेश के लिए बेहद संवेदनशील रह सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा आने और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। खासकर पहाड़ों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना बनी हुई है।
लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार भूस्खलन और मलबा आने के कारण प्रदेशभर में 115 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, मुख्य सड़कें और ग्रामीण मोटर मार्ग शामिल हैं।
पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-गुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग बोल्डर गिरने से बंद हो गया है। जिले के 12 ग्रामीण मार्ग भी प्रभावित हैं। देहरादून में एक राज्य मार्ग और 14 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। अल्मोड़ा में 13, चमोली में 9, रुद्रप्रयाग में 3, नैनीताल में 5, उत्तरकाशी और बागेश्वर में 4-4 तथा टिहरी में एक राज्य मार्ग और 13 ग्रामीण सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। सबसे अधिक 31 सड़कें पौड़ी जिले में बाधित हैं, जिनमें दो राज्य मार्ग, एक मुख्य मार्ग और 28 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कई जिलों में एहतियातन स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, चमोली, पौड़ी, टिहरी और बागेश्वर जिलों में कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है, जबकि बंद सड़कों को खोलने का कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत सूचना दें और अफवाहों से बचें।

