नैनीताल: भवाली नरेश पांडे से जुड़े चर्चित मामले में आज फिर से और नया मोड़ गया है। मल्लीताल पुलिस ने जिस युवती को हिरासत में लिया था, उसे आज जिला न्यायालय मे पेश किया गया। सुनवाई में अदालत ने सभी सबूत और कानून को ध्यान में रखते हुए, युवती को जमानत पर रिहा कर दिया है। बता दें कि यही युवती ने नरेश पांडे के खिलाफ थाने में सबसे पहले शिकायत दर्ज करवायी थी।
पुलिस ने अदालत से युवती को रिमांड पर लेने की मांग रखी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले पर कानूनी पहलुओ से विचार किया। और अदालत ने प्रथम दृष्ट्या माना कि पुलिस ने युवती को रिमांड में लेने के लिए अदालत के समक्ष उचित और पर्याप्त सबूत और गवाह पेश नही किये। साथ हीं भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानो और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशो का भी उल्लेख किया, जिनके अनुसार सात साल तक की सज़ा वाले मामलों में गिरफ्तारी और पुलिस रिमांड अंतिम विकल्प माने जाते है ।
अदालत ने यह भी माना कि संबंधित युवती स्थानीय निवासी है, और जांच मे सहयोग करने से इनकार करने जैसे कोई भी तथ्य सामने नहीं आये। इन सभी पहलुओं को देखते हुए युवती की जमानत मंजूर कर दी है।
सुनवाई में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने पुलिस की दलीलों और मौजूदा रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद जमानत मंजूर की है। उनका कहना था कि जिस युवती को पुलिस ने पेश किया गया है। वह मामले की हीं पीड़िता और शिकायतकर्ता है। उससे किसी अन्य युवती की शिकायत पर आरोपी बनाया गया है।
दूसरी ओर पुलिस का आरोप है कि प्रथम शिकायतकर्ता युवती ने नरेश पांडे के साथ मिलकर अन्य महिलाओं को उसके संपर्क में लाने में भूमिका निभाई। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी
