दिल्ली: नीट पेपर लीक के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वागचूंक ने 27वे दिन देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने रात 12 बजे सोनम वागचूंक कर पास मैदांता अस्पताल पहुंचे और उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त करवाया।
सोनम वागचूंक के अनशन समाप्त करने पर कोकरोच जानता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बेहद खुशी जताई है, मगर उन्होंने कहा है कि उनका ये आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान इस्तीफा ना दे दें।
उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा है कि उन्हें खुशी हैँ कि सोनम वागचूंक नें अनशन तोड़ दिया है, ये जरूरी भी था उनके स्वास्थ्य के लिए लेकिन जंतर मंतर पर आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षा मंत्री अपना इस्तीफा ना दे देते।
वही दूसरी तरफ सोनम वागचूंक ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा है कि कई राजनितिक पार्टी के 65 सांसदों ने मुझसे ये अनशन समाप्त करने की अपील की थी। काफी लम्बी बातचीत और शर्तों पर सहमति बनने व देश में किसी बड़ी हिंसा की आशंका को देखते हुए मैंने ये फैसला लिया है।
सरकार ने उनकी यह दो शर्तों लिखित में आशवासन देते हुए को माना है-
- अगर कोई छात्र हिंसक नहीं था अथवा वह निर्दोष था तो उसके खिलाफ कोई भी कानूनी कार्यवाही नहीं होगी।।
- जिन भी परिवारों ने इस पेपर लीक के कारण से अपने बच्चो को खोया है उन्हें सरकार उचित मुआवजा भी देगी।
देश के प्रधानमंत्री ने भी देर रात वीडियो जारी करते हुए कहा है कि सरकार पेपर लीक जैसे गंभीर मामलो के लिए एक कड़ी कार्यवाही और सजा वाला प्रावधान लेकर आएगी। इसी संबंध में आज कैबिनेट में चर्चा होगी और मंजूरी मिलते हीं सांसद में पेश किया जायेगा। उनकी पूरी कोशिश है कि इस कानून को जल्द से जल्द लागू कर दिया जाए।
