देहरादून। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UKTU) के चर्चित पेपर लीक मामले में देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का आरोप है कि प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले छात्रों को व्हाट्सएप ग्रुप और कॉलेज के आंतरिक पोर्टल के माध्यम से परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न साझा किए थे।
पुलिस के अनुसार, 23 जुलाई को उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल ने प्रेमनगर कोतवाली में लिखित तहरीर देकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि विश्वविद्यालय को 8 जुलाई को एक ई-मेल प्राप्त हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 3 जुलाई को शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के एक सहायक प्रोफेसर ने छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न साझा किए थे।
विश्वविद्यालय ने शिकायत मिलने के बाद आंतरिक जांच समिति गठित की। जांच के दौरान परीक्षा प्रश्नपत्र का मिलान व्हाट्सएप पर साझा किए गए प्रश्नों से किया गया, जिसमें कई प्रश्नों में समानता पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले कॉलेज के आंतरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी छात्रों तक वही प्रश्न पहुंचाए थे।
जांच रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय ने माना कि आरोपी ने छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता भंग की। इसके बाद परीक्षा नियंत्रक की तहरीर पर प्रेमनगर थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316, 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की। गवाहों के बयान, विश्वविद्यालय की जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी आशीष कुमार गुप्ता, निवासी शाकुम्भरी विहार, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश), को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच में यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं विश्वविद्यालय पहले ही संबंधित दोनों परीक्षाएं निरस्त कर चुका है और आरोपी प्रोफेसर पर परीक्षा संबंधी सभी कार्यों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा चुका है।
