हल्द्वानी: दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध की गूंज अब उत्तराखंड तक पहुंच गई है। शुक्रवार को हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज के छात्र बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने उनकी प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर विरोध दर्ज कराया और इस्तीफे की मांग की।
छात्र एमबीपीजी कॉलेज परिसर से जुलूस के रूप में निकले। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जुलूस जैसे ही तिकोनिया चौराहे पर पहुंचा, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के हाथों से प्रतीकात्मक अर्थी भी छीन ली, जिसके बाद मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने हालात पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया।
इसके बाद छात्र डीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन को देखते हुए तिकोनिया चौराहे से लेकर डीएम कार्यालय तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा नहीं लिया गया, तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
