हल्द्वानी: शहर के चौफुला चौराहे के पास मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले व्यापारी शिवशंकर गोस्वामी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। शनिवार सुबह बरेली जाने की बात कहकर घर से निकले शिवशंकर देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों ने मुखानी कोतवाली में गुमशुदगी की सूचना दी। पुलिस अब हल्द्वानी से लेकर बरेली तक सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
जानकारी के अनुसार, शिवशंकर गोस्वामी चौफुला चौराहे के पास किराये के मकान में रहते हैं और वहीं मेडिकल स्टोर संचालित करते हैं। शनिवार सुबह करीब छह बजे वह बरेली जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटे।
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें शिवशंकर ओके होटल के पास बरेली जाने वाली बस में सवार होते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस टीम उनकी तलाश में बरेली रवाना हो गई है। बरेली बस अड्डे और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
लापता होने के बाद परिजनों को किसी ने सूचना दी कि शिवशंकर रामपुर रोड स्थित टांडा जंगल के पास दिखाई दिए हैं। इस सूचना पर परिजन वन विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। हल्द्वानी रेंज की टीम ने सुबह करीब दो घंटे तक जंगल में कॉम्बिंग अभियान चलाया, लेकिन शिवशंकर का कोई सुराग नहीं मिला।
इस दौरान क्षेत्र में यह अफवाह भी फैल गई कि किसी व्यक्ति को बाघ उठा ले गया है। हालांकि, जांच में यह सूचना पूरी तरह गलत निकली।
पड़ोसियों के अनुसार, शिवशंकर पिछले कुछ दिनों से आर्थिक तनाव में थे। बताया गया कि उन्होंने किसी से ब्याज पर रुपये लिए थे। 29 जुलाई को उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों और एटीएम से कुल 1 लाख 85 हजार रुपये निकाले थे। लापता होने से एक दिन पहले उनके गूगल-पे पर रुपये लौटाने से संबंधित एक संदेश भी आया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शिवशंकर दो मोबाइल नंबर इस्तेमाल करते थे। इनमें से एक नंबर लालकुआं और दूसरा किच्छा के पास बंद हो गया।
शिवशंकर की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर परिजन कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा से भी मिले और मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि पुलिस की टीमें लगातार तलाश में जुटी हैं। बरेली जाने वाली बस में उनके सवार होने के प्रमाण मिले हैं। पहले बरेली बस अड्डे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, इसके बाद वापसी मार्ग के कैमरों की भी जांच की जाएगी।
