बागेश्वर: जिले के कांडा थाना क्षेत्र के बांसतोली गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) कमला देवी (47) का शव पेड़ से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि मौत के कारणों की जांच की जा रही है। घटना के बाद परिजनों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के दबाव को इसकी वजह बताया है, जबकि प्रशासन ने इस दावे से इनकार किया है।
पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह कमला देवी रोज की तरह उठीं और पति पूरन राम के साथ चाय पी। इसके बाद उनके पति गाय का दूध दुहने के लिए गोशाला चले गए। कुछ देर बाद लौटने पर कमला घर में नहीं मिलीं। तलाश करने पर उनका शव घर के पास खेत में एक पेड़ से लटका मिला। सूचना पर कांडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की।
थानाध्यक्ष बलवंत कंबोज ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मृतका के पति पूरन राम का कहना है कि कमला देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता होने के साथ बीएलओ की जिम्मेदारी भी निभा रही थीं। एसआईआर अभियान के तहत उन्हें मतदाताओं को नोटिस वितरित करने और अन्य कार्यों की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके अनुसार, कुछ नोटिस लंबित रहने और अधिकारियों के लगातार फोन आने से वह मानसिक तनाव में थीं। लोगों की नाराजगी का भी उन्हें सामना करना पड़ रहा था।
वहीं, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अनिल चन्याल ने कहा कि कमला देवी ने बीएलओ के रूप में सराहनीय कार्य किया था और उन्होंने कभी भी काम के दबाव या तनाव की कोई शिकायत नहीं की। अधिकारी का दावा है कि उन्हें सौंपे गए सभी नोटिस वितरण का कार्य पूरा कर लिया गया था।
कमला देवी परिवार की आर्थिक आधार थीं। उनके वेतन से ही घर का खर्च चलता था और दोनों बच्चों की पढ़ाई भी चल रही थी। बेटी एमएससी की छात्रा है, जबकि बेटा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा है। घटना के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता और आश्रितों को रोजगार देने की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना को लेकर विभिन्न संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
