गुलदार का खौफ
अल्मोड़ा: जिले के सल्ट विकासखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। डभरा सौराल ग्रामसभा के घोड़ीधार तोक में सोमवार सुबह 19 वर्षीय नवविवाहिता शालिनी नेगी की किसी जंगली जानवर के हमले में मौत हो गई। महिला का शव जंगल से बरामद होने के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, शालिनी नेगी पत्नी रविंद्र नेगी सोमवार सुबह घर के पास गोबर फेंकने गई थीं। इसी दौरान किसी जंगली जानवर ने उन पर हमला कर दिया। आशंका है कि हमलावर जानवर उन्हें घसीटकर जंगल की ओर ले गया।
काफी देर तक शालिनी के घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जंगल से उनका शव बरामद हुआ। शव के गले पर गहरे घाव के निशान मिले हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला बाघ, गुलदार या किसी अन्य वन्यजीव ने किया है। वन विभाग का कहना है कि साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही हमलावर वन्यजीव की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे सल्ट क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जंगल से लगे गांवों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा के कामों के दौरान भी जान का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि वन विभाग हमले के कारणों और हमलावर वन्यजीव की पहचान के लिए जांच कर रहा है।
