देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने न्यायपालिका, श्रम, शिक्षा, खेल, पर्यटन, कृषि, सहकारिता और ग्रामीण विकास से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। बैठक में गौलापार (हल्द्वानी) में नए हाईकोर्ट परिसर के लिए 30 हेक्टेयर भूमि देने, उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए 122 पदों के सृजन और गौ पालन योजना का लाभ सामान्य वर्ग तक बढ़ाने जैसे बड़े निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026 को मंजूरी देते हुए संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों को मजबूत करने का फैसला लिया। अब नियोक्ताओं को प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान करना होगा। साथ ही पुरुष और महिला श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का प्रावधान लागू किया गया है। मजदूरी का भुगतान डिजिटल माध्यम से करने की व्यवस्था भी की गई है।
सरकार ने गौ पालन योजना के दायरे का विस्तार करते हुए अब सामान्य वर्ग के लोगों को भी इसका लाभ देने का निर्णय लिया है। योजना के तहत अधिकतम दो गायों की खरीद पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।
न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हल्द्वानी के गौलापार में प्रस्तावित नए हाईकोर्ट परिसर के निर्माण हेतु 30 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई। यहां मुख्य न्यायालय भवन, न्यायाधीशों के आवास, अधिवक्ता चैंबर, पार्किंग और प्रशासनिक भवन विकसित किए जाएंगे।
कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार के संचालन के लिए 122 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी। राज्य के पहले स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का उद्देश्य मिशन ओलंपिक-2036 के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करना है।
बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी सहमति दी गई। इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार और आवागमन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली, उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, जल जीवन मिशन की योजनाओं के हस्तांतरण का प्रोटोकॉल, उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली, वन विकास निगम सेवा संशोधन नियमावली और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति के पुनर्गठन जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली में संशोधन करते हुए कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी सहकारी समिति का सदस्य बनने का अधिकार दिया। वहीं बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के सहायता कोष की संचालन समिति में समुदाय के प्रतिनिधियों को शामिल करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, खेल और न्यायिक ढांचे का विस्तार, ग्रामीण विकास, पर्यटन और सामाजिक कल्याण योजनाओं को नई गति मिलेगी।
