नैनीताल: कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने मंगलवार को नैनीताल में 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की मंडल स्तरीय समीक्षा की। जिला विकास प्राधिकरण सभागार में हुई बैठक में उन्होंने निर्माण विंग और उत्तराखंड पेयजल निगम के अधिकारियों से परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की जानकारी ली।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने काम में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के साथ ही जिन परियोजनाओं में तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य किसी तरह की बाधा है, उसका संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने को कहा।
बैठक में निर्माण विंग, उत्तराखंड पेयजल निगम के महाप्रबंधक ने बताया कि कुमाऊं मंडल में 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 52 निर्माण कार्य संचालित हैं। इनमें ऊधम सिंह नगर में 7, चंपावत में 15, नैनीताल में 7, अल्मोड़ा में 6, बागेश्वर में 1 और पिथौरागढ़ में 5 कार्य शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश परियोजनाओं पर निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि कुछ मामले वन भूमि हस्तांतरण और न्यायालय में लंबित होने के कारण प्रभावित हैं।
समीक्षा के दौरान नैनीताल जिले की प्रमुख परियोजनाओं की भी जानकारी दी गई। इनमें काठगोदाम बस टर्मिनल, मेट्रोपोल होटल परिसर में सरफेस पार्किंग तथा रामनगर में बस टर्मिनल और बस डिपो का निर्माण शामिल है।
ऊधम सिंह नगर में राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर, सितारगंज जेल के विस्तारीकरण और केंद्रीय कारागार/संपूर्णानंद शिविर सितारगंज से जुड़े निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
चंपावत जिले में आईएसबीटी टनकपुर के रोडवेज बस टर्मिनल डिपो, वर्कशॉप और रीजनल वर्कशॉप भवन, चंपावत में पार्किंग, चंपावत और लोहाघाट में फायर स्टेशन तथा टनकपुर में इंजीनियरिंग कॉलेज सहित कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
अल्मोड़ा में सोबन सिंह जीना आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान तथा द्वाराहाट, सल्ट और दन्या में राजकीय पॉलिटेक्निक के निर्माण कार्यों की जानकारी दी गई। बागेश्वर में राजकीय पॉलिटेक्निक गरुड़ और पिथौरागढ़ में बेस चिकित्सालय परिसर, गणाई गंगोली पॉलिटेक्निक कॉलेज तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेरीनाग के परीक्षा हॉल का निर्माण भी प्रगति पर बताया गया।
दीपक रावत ने अधिकारियों से कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि केवल निर्माण शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परियोजनाओं को तय समय में गुणवत्ता के साथ पूरा करना भी जरूरी है।
उन्होंने विशेष रूप से वन भूमि हस्तांतरण, न्यायालय से जुड़े मामलों और अन्य लंबित प्रकरणों का संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जल्द समाधान कराने के निर्देश दिए।
बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, भौतिक और वित्तीय प्रगति, भूमि संबंधी मामलों, विभागीय समन्वय और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई।
बैठक में मुख्य अभियंता पेयजल निगम आलोक कुमार, महाप्रबंधक निर्माण एवं पेयजल निगम अनुज पांडे, अधीक्षण अभियंता अल्मोड़ा संदीप कश्यप, अधीक्षण अभियंता ऊधम सिंह नगर मनीष करारा, अधीक्षण अभियंता हल्द्वानी ए.के. कटारिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
