उत्तराखंड में बारिश का दौर
देहरादून: उत्तराखंड में सितंबर के आखिरी दिनों में एक बार फिर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 24 से 29 सितंबर तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। शुरुआती दो दिनों में कुछ जिलों में बारिश होगी, जबकि इसके बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
24 सितंबर को इन 8 जिलों में बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार 24 सितंबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। वहीं प्रदेश के बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
25 सितंबर को इन जिलों में बारिश
शुक्रवार 25 सितंबर को बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा अन्य पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर बादलों की गरज भी सुनाई दे सकती है।
26 से 28 सितंबर तक पूरे प्रदेश में बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार 26 सितंबर को उत्तराखंड के सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
रविवार 27 सितंबर को भी प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं सोमवार 28 सितंबर को भी राज्य के सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
29 सितंबर को पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश
मंगलवार 29 सितंबर को प्रदेश के पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बादलों की गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
वहीं राज्य के शेष जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने का अनुमान है।
सितंबर के आखिर में विदाई की ओर बढ़ता है मानसून
उत्तराखंड में मानसून आमतौर पर 20 से 25 जून के बीच सक्रिय होता है। कई बार मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरी तरह सक्रिय होता है। जुलाई और अगस्त में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिलती है।
सितंबर के दूसरे सप्ताह से लेकर अंतिम सप्ताह तक मानसून उत्तराखंड से धीरे-धीरे विदा होना शुरू करता है। इस बीच प्रदेश में मौसम में बदलाव और बारिश के अलग-अलग दौर देखने को मिलते हैं।



