हल्द्वानी: गोरापड़ाव क्षेत्र में बीती रात खुद को एसओजी कर्मचारी बताकर कुछ लोगों द्वारा लूट की वारदात को अंजाम देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नकाब पहने लोगों ने मौके पर मौजूद लोगों को डराया-धमकाया और उनके रुपये, चेन व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डकैती की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और पुलिस अधिकारियों से जांच की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
पुलिस के अनुसार, कुछ लोग बाहर से नकाब पहनकर गोरापड़ाव स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने खुद को एसओजी कर्मचारी बताया और वहां मौजूद लोगों को डराया-धमकाया। इसके बाद आरोपियों द्वारा रुपये, चेन और मोबाइल फोन लूटकर ले जाने की बात सामने आई है।
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डकैती की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर जांच शुरू कर दी है।
मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी के निर्देशन में करीब 40 अधिकारी और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की गई है। टीम में एसपी क्राइम, एसपी सिटी हल्द्वानी, सीओ हल्द्वानी, सीओ लालकुआं, विभिन्न थानों के प्रभारी, एसओजी, एडीटीएफ, साइबर टीम और क्राइम विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
विशेष टीम के प्रभारी एसपी सिटी मनोज कत्याल और सह-प्रभारी क्षेत्राधिकारी अमित सैनी को बनाया गया है।
पुलिस टीम घटनास्थल से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। इसके तहत CDR, CCTV फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। वहीं बीडीएस, डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों ने भी मौके पर पहुंचकर विभिन्न कोणों से घटनास्थल की जांच की।
एसएसपी ने अधिकारियों को मामले से जुड़े सभी संभावित पहलुओं पर गंभीरता से जांच करने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग टीमें लगातार काम कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

