देहरादून: उत्तराखंड में नर्सिंग अधिकारी भर्ती-2026 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नर्सिंग एकता मंच और उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने गुरुवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भर्ती परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। संगठनों का आरोप है कि परीक्षा से पहले ही कुछ अभ्यर्थियों से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये मांगे जाने की शिकायतें सामने आई थीं।
मामले में एक महिला नर्सिंग अधिकारी से 32 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आने के बाद संगठनों ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने और भर्ती परीक्षा में किसी तरह की अनियमितता के आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर और उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने दावा किया कि परीक्षा से पहले कई अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे मांगे जाने की शिकायत की थी।
संगठनों का कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के एवज में 18 से 20 लाख रुपये तक मांगे जाने की बात सामने आई थी। इसी को आधार बनाकर संगठनों ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
उन्होंने सरकार को तीन दिन का समय देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में जांच बैठाने और परीक्षा रद्द करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। देहरादून में एक महिला नर्सिंग ऑफिसर से कथित ठगी का मामला सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया। पीड़िता वर्तमान में कैलाश अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 25 जून को महिला का संपर्क मैट्रिमोनियल वेबसाइट शादी डॉट कॉम पर चारु चंद्र जोशी नाम के व्यक्ति से हुआ था। आरोप है कि बातचीत के दौरान उसने खुद को देहरादून स्वास्थ्य निदेशालय में ड्रग इंस्पेक्टर बताया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अपनी अच्छी पहचान होने का दावा किया।
आरोप है कि बातचीत के दौरान आरोपी ने महिला को भरोसे में लेकर नर्सिंग अधिकारी भर्ती-2026 में सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से उससे कुल 32 लाख रुपये लिए गए।पीड़िता का आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी ने उससे संपर्क करना बंद कर दिया। इसके बाद उसे अपने साथ ठगी होने का पता चला।
मामले में पीड़िता ने एसपी सिटी कार्यालय में शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
32 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले को लेकर नर्सिंग एकता मंच और बेरोजगार संघ ने भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। संगठनों ने सरकार से मांग की है कि—
नर्सिंग अधिकारी भर्ती-2026 की परीक्षा रद्द की जाए।
पूरे मामले की SIT या STF से जांच कराई जाए।
अन्य अभ्यर्थियों से नौकरी के नाम पर कथित वसूली की भी जांच हो।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
संगठनों का कहना है कि यदि परीक्षा से पहले ही अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर संपर्क किया जा रहा था, तो पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है। फिलहाल पुलिस 32 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले की जांच कर रही है। वहीं नर्सिंग संगठन भर्ती परीक्षा रद्द करने और उच्चस्तरीय जांच की मांग पर कायम हैं।

