नैनीताल: नैनीताल जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर पहाड़ से मैदान तक व्यवस्थाओं की परीक्षा ले ली है। मंगलवार सुबह से जारी तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित है। कई इलाकों में सड़कें भूस्खलन और मलबे के कारण बंद हो गई हैं, जबकि नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार जिले में औसतन 51.59 एमएम बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश चोरगलिया क्षेत्र में 154 एमएम रिकॉर्ड हुई। कालाढूंगी में 102 एमएम, ओखलकांडा के खनस्यू में 62 एमएम, मुक्तेश्वर में 55.1 एमएम, हल्द्वानी में 50 एमएम और नैनीताल शहर में 43 एमएम बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश के बीच जिले की सड़क व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार वर्तमान में नैनीताल जिले में 25 मार्ग यातायात के लिए बाधित हैं। इनमें पांच राज्य मार्ग और 20 ग्रामीण संपर्क मार्ग शामिल हैं।
भूस्खलन और मलबा आने के कारण गर्जिया-बेतालघाट-खैरना राज्य मार्ग-62, रामनगर-भंडारपानी राज्य मार्ग-71, धानाचूली-खनस्यू-ओखलकांडा राज्य मार्ग-64, रानीबाग-खुटानी-पदमपुरी राज्य मार्ग-10 और हैड़ाखान-सिमलिया बैंड राज्य मार्ग-103 पर यातायात प्रभावित हुआ है।
सड़कों को खोलने के लिए निर्माण खंड और प्रांतीय खंड की टीमें लगातार काम कर रही हैं। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है।
बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियों में पानी का बहाव भी तेजी से बढ़ा है। आंकड़ों के अनुसार गौला नदी में 6,577 क्यूसेक, कोसी नदी में 19,113 क्यूसेक और नंदौर नदी में 2,449 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गौला, कोसी और नंदौर बैराजों के आसपास के निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
बारिश से पैदा हुई स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों की टीमें लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में काम कर रही हैं। पीएमजीएसवाई, निर्माण खंड और अन्य संबंधित विभागों की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ बंद मार्गों को खोलने में जुटी हैं।
फिलहाल लगातार बारिश के बीच प्रशासन की चुनौती सड़क संपर्क बहाल करने के साथ-साथ नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन की घटनाओं पर नजर बनाए रखना है। लोगों से अपील की गई है कि बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से संवेदनशील इलाकों की ओर जाने से बचें और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।

