हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की सुनवाई को लेकर सुबह से बनभूलपुरा क्षेत्र में हलचल बनी हुई थी। अब कंप्यूटर जनरेटेड सूची में 17 सितंबर 2026 की संभावित तारीख दिखाई दे रही है। ऐसे में रेलवे भूमि मामले से जुड़े पक्षों और क्षेत्रवासियों की नजरें अब अगली सुनवाई पर टिक गई हैं।
बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण का मामला लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। मामले की प्रत्येक सुनवाई को लेकर क्षेत्र में विशेष सतर्कता और चर्चा का माहौल रहता है।
बुधवार को प्रस्तावित सुनवाई को देखते हुए नैनीताल पुलिस और प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था। संवेदनशीलता को देखते हुए बनभूलपुरा क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
पुलिस की ओर से क्षेत्र में निगरानी के लिए ड्रोन समेत अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा था। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई थी और कानून व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही थी।
हालांकि, बुधवार को शीर्ष अदालत में मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।
सुप्रीम कोर्ट की कंप्यूटर जनरेटेड लिस्टिंग में अब 17 सितंबर 2026 की तारीख दिखाई दे रही है। इसके बाद मामले को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि, अगली सुनवाई और सूची में मामले की स्थिति को लेकर अंतिम तस्वीर अदालत की आधिकारिक कार्यसूची के अनुसार ही स्पष्ट होगी।
रेलवे भूमि से जुड़ा मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस और प्रशासन की ओर से बनभूलपुरा क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी जारी रखी जा सकती है।
अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर हैं। 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होती है या तारीख में बदलाव होता है, इस पर रेलवे भूमि प्रकरण से जुड़े पक्षों के साथ-साथ बनभूलपुरा के लोगों की भी नजर रहेगी।

