देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की भर्ती परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के रायपुर-तपोवन रोड स्थित आवास पर छापा मारा।
तलाशी के दौरान ED ने 32 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी कलाई घड़ियां बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा जीना और उनके परिवार के बैंक खातों में मिले 52.16 लाख रुपये के बैलेंस को फ्रीज किया गया है। बरामद संपत्ति और फ्रीज की गई रकम की कुल कीमत करीब 1.28 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ED के अनुसार, चंदन सिंह जीना के आवास से बरामद सोने में 13 सोने के सिक्के और सात सोने की चेन शामिल हैं। इसके साथ ही रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसॉट और कैसियो एडिफाइस जैसी ब्रांड की 12 घड़ियां भी बरामद की गई हैं।
ED ने चंदन सिंह जीना का मोबाइल फोन भी फोरेंसिक जांच के लिए कब्जे में लिया है।
मामला UKSSSC की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा-2016 में कथित धांधली से जुड़ा है। इस मामले की जांच पहले विजिलेंस ने शुरू की थी। बाद में वर्ष 2023 में जांच STF को सौंप दी गई।
STF ने मामले में आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष आरबीएसएस रावत, सचिव आरएस कन्याल और परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
पुलिस जांच और प्राथमिकी में सामने आए तथ्यों के आधार पर ED ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की। इसी जांच के तहत ED ने चंदन सिंह जीना समेत मामले से जुड़े कई लोगों के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
चंदन सिंह जीना पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ओएसडी भी रह चुके हैं। ED की जांच में सामने आए मनी ट्रेल के आधार पर उनके आवास पर कार्रवाई की गई।
ED का आरोप है कि जीना ने परीक्षा धांधली से जुड़े मामले में कथित तौर पर बड़ी रकम का इस्तेमाल किया। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
ED की कार्रवाई के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस में अपने पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की। रावत ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके किसी कदम की वजह से पार्टी का संघर्ष कमजोर हो।
रावत ने स्वीकार किया कि चंदन सिंह जीना उनके ओएसडी रहे हैं और उन्होंने पार्टी तथा सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने जीना को मेहनती और विनम्र व्यक्ति बताते हुए उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से अनभिज्ञता जताई।
हरीश रावत ने कहा कि यदि ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ हुई है तो उन्हें शर्म आएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें इस आरोप पर विश्वास नहीं है।
उन्होंने कहा कि UKSSSC की स्थापना राज्य के युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर की गई थी। रावत ने कहा कि उनके कार्यकाल में विभिन्न भर्ती बोर्डों के माध्यम से बड़ी संख्या में सरकारी पदों पर भर्तियां की गई थीं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी ओर से नियुक्तियों या भर्ती प्रक्रिया में कोई गलती हुई है और उसका कोई प्रमाण सामने आता है तो वह उत्तराखंड की जनता से माफी मांगने के लिए तैयार हैं।
हरीश रावत ने कहा कि यदि किसी के पास भर्ती प्रक्रिया में उनके हस्तक्षेप या किसी गलत काम से जुड़े कोई सबूत हैं तो उन्हें CBI, ED या राज्य पुलिस को उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि उनकी कोई चूक सामने आती है तो कानून के अनुसार उन्हें दंड मिलना चाहिए।
रावत ने अपने इस्तीफे को लेकर कहा कि वह उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यकारी सदस्य और कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनकी वजह से पार्टी का भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष किसी भी तरह कमजोर हो।

