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हल्द्वानी: जीएसटी विभाग पर अनावश्यक उत्पीड़न और व्यापारियों को डराने-धमकाने का आरोप लगाते हुए प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने आंदोलन का ऐलान किया है। शनिवार को सिंधी चौराहा स्थित धर्मशाला में आयोजित व्यापारियों की महापंचायत में 23 सितंबर को जीएसटी कार्यालय के घेराव का निर्णय लिया गया। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अगर कथित उत्पीड़न नहीं रुका तो प्रतिष्ठान अनिश्चितकाल के लिए बंद कर सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
महापंचायत में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जीएसटी विभाग के अधिकारी दुकानों में पहुंचकर व्यापारियों को धमकाते हैं। व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान पुलिस को बुलाकर भय का माहौल बनाने का भी प्रयास किया जाता है। व्यापारियों ने कहा कि त्योहारी सीजन में यदि इस तरह की कार्रवाई जारी रहती है तो वे अधिकारियों को प्रतिष्ठानों में प्रवेश नहीं करने देंगे।
व्यापारियों ने सरकार से जीएसटी विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर अंकुश लगाने की मांग की। महापंचायत में अधिकारियों के साथ-साथ उनके परिजनों और करीबी मित्रों की संपत्ति की जांच कराने की मांग भी उठाई गई।
व्यापारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को हल्द्वानी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि प्रदेशभर में जीएसटी विभाग के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर सड़क पर उतरेंगे।
महापंचायत में व्यापारियों ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो चुनाव में सरकार को इसका जवाब दिया जाएगा।
व्यापारियों ने 23 सितंबर को होने वाले जीएसटी कार्यालय घेराव को लेकर व्यापारियों से एकजुट होकर पहुंचने की अपील की। संगठन ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य व्यापारियों के कथित उत्पीड़न को रोकना और जीएसटी विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग करना है।



