नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल में बीडी पांडे जिला अस्पताल के बाहर सड़क किनारे करीब छह माह का भ्रूण मिलने से हड़कंप मच गया। अस्पताल के डायरेक्टर कार्यालय के समीप हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन और पुलिस मौके पर पहुंच गए। फिलहाल भ्रूण वहां कैसे पहुंचा और उसे किसने छोड़ा, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल परिसर के बाहर नियमित सफाई के दौरान एक सफाई कर्मचारी की नजर सड़क किनारे पड़े भ्रूण पर पड़ी। उसने तत्काल इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा पुलिस को सूचना देकर बुलाया गया।
जिला अस्पताल की पीएमएस ने बताया कि बरामद भ्रूण की उम्र लगभग छह से साढ़े छह माह बताई जा रही है। उन्होंने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर बताया कि उपचार के दौरान इसकी मौत हुई थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भ्रूण अस्पताल के बाहर सड़क किनारे किन परिस्थितियों में पहुंचा।
पीएमएस के अनुसार, मामले की तह तक पहुंचने के लिए अस्पताल में पिछले एक वर्ष के दौरान गर्भावस्था और गर्भपात संबंधी जांच एवं उपचार के लिए पहुंची महिलाओं के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। अस्पताल में उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य जानकारियों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि भ्रूण किसका है और वह अस्पताल के बाहर कैसे पहुंचा।
अस्पताल प्रबंधन ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, पुलिस भी घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान के बाहर भ्रूण मिलने से यह सवाल उठ रहा है कि उसे वहां कौन और किन परिस्थितियों में छोड़ गया। अब पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार है।



