भीमताल: भीमताल के ब्लॉक सभागार में आयोजित युवा महोत्सव में कुमाऊं की लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और महिला आत्मनिर्भरता की झलक देखने को मिली। लोकगीतों और लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों ने जहां दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया, वहीं स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। महोत्सव में महिलाओं ने कुछ ही घंटों में 50 हजार रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री की।
कार्यक्रम का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट, पालिकाध्यक्ष सीमा टम्टा, पालिका अध्यक्ष पंकज आर्य और जिला पंचायत सदस्य विपिन जंतवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि पहाड़ की संस्कृति और लोक कलाओं को संरक्षित करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मंच देना जरूरी है। मातृशक्ति की आर्थिक मजबूती ही पहाड़ों की असली तरक्की का आधार है।
महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर लोक कलाकार जितेंद्र तोक्याल, पुष्कर मेहर और बबिता देवी ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उनके गीतों पर युवा ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग और अतिथि भी झूमते नजर आए। छोटे कलाकार प्रिंस कुल्याल ने भी अपनी सुरीली आवाज से लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में दोगड़ा और सूर्यगांव के कलाकारों ने लोकनृत्य प्रस्तुत किए। नैनीताल जीजीआईसी की छात्राओं ने लोकगीत और लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। आयुषी पलड़िया और कविका पलड़िया ने भी सामूहिक लोकनृत्य के माध्यम से कुमाऊं की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया।
महोत्सव का खास आकर्षण स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल रहे। महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार किए गए विभिन्न उत्पाद प्रदर्शित किए। इनमें उत्तराखंड की पारंपरिक लोक चित्रकला ऐपण से सजे उत्पाद, हस्तनिर्मित मालाएं, आकर्षक डिजाइनर मोमबत्तियां और ऐपण से सजाए गए मिट्टी के दीये शामिल रहे।
इसके अलावा महिलाओं ने घर पर तैयार की गई खाद्य सामग्री, पारंपरिक मसाले और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए। इन उत्पादों को लोगों ने खूब पसंद किया। आयोजकों के अनुसार, महिला समूहों ने महोत्सव के दौरान 50 हजार रुपये से अधिक की बिक्री की। इससे स्थानीय महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल को बढ़ावा मिला।
नैनीताल विधायक सरिता आर्य ने कहा कि पहाड़ों की असली ताकत यहां की महिलाएं हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलता है और महिला समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है।
ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने कहा कि महोत्सव आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को मंच देना और स्थानीय उत्पादों को सीधे खरीदारों तक पहुंचाकर बाजार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति की आर्थिक मजबूती ही पहाड़ों की वास्तविक तरक्की है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवकी बिष्ट, हल्द्वानी ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़, दर्जा राज्य मंत्री भावना मेहरा, जिला भेषज सहकारी संघ के अध्यक्ष नवीन क्वीरा, ज्येष्ठ प्रमुख उमेश पलड़िया, डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डायरेक्टर धर्मेंद्र शर्मा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गीता बिष्ट सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा शिप्रा जोशी, पंकज जोशी, लक्ष्मण गंगोला, जया बोहरा, राधा कुल्याल, नितेश बिष्ट, मनोज भट्ट, हितेंद्र बिष्ट, प्रदीप कुमार, मुकेश पलड़िया, प्रदीप पाठक, ममता दुमका, प्रेमा मेहरा, बबिता मनराल, रिंकू देवी, हेमा आर्य, नवीन पलड़िया, अखिलेश सेमवाल, जितेंद्र चनौतिया, पंकज उप्रेती, पंकज सूर्या, मोहित और अंकित आर्य सहित सैकड़ों स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बीडीओ हर्षित गर्ग, जिला युवा कल्याण अधिकारी अर्जुन सिंह रावत और बीओ दीपक मेहता सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सभासद रामपाल गंगोला और मोनिक नायल ने किया।



