चमोली, उत्तराखंड: माणा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन हादसे के बाद तीसरे दिन भी बचाव अभियान जारी है। अब तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1 मजदूर अब भी लापता है। रविवार सुबह से चले ऑपरेशन में 3 और शव बरामद किए गए हैं। सेना, SDRF और ITBP की टीमें खोजी कुत्तों और हेलीकॉप्टरों की मदद से लापता मजदूर की तलाश में जुटी हुई हैं। मौसम साफ होने के कारण राहत कार्य में तेजी आई है।
अब तक 46 मजदूरों को बचाया गया
अब तक 46 मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें से चार मजदूर गंभीर रूप से घायल थे, जिनमें से एक को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव (पीआरओ, रक्षा, देहरादून) ने बताया कि सेना और अन्य एजेंसियां लगातार बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
सीएम धामी ने लिया जायजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने बिजली, संचार और अन्य जरूरी सुविधाओं को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए। चमोली के जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि राहत अभियान तेज कर दिया गया है और लापता मजदूर की तलाश जारी है।
हादसे का पूरा विवरण
गत शुक्रवार को चमोली के माणा क्षेत्र में हिमस्खलन हुआ, जिसमें कई मजदूर बर्फ के नीचे दब गए थे। सेना और अन्य एजेंसियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जो अब तक जारी है। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1 मजदूर अब भी लापता है।
