नैनीताल। हाल ही में मल्लीताल क्षेत्र में हुए अग्निकांड ने नगर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। आग लगने की घटनाओं के बाद अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इसी मुद्दे को लेकर नगर पालिका सभासद मनोज साह जगाती ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
सभासद ने कहा कि नैनीताल पर्यटन का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ यहां उत्तराखंड उच्च न्यायालय भी स्थित है, बावजूद इसके आग बुझाने की पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए हाइड्रेंट्स अक्सर पानी विहीन रहते हैं। वहीं, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर पहुंच भी जाएं तो उनमें तकनीकी खराबी के कारण पंप सही से काम नहीं करता। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार लापरवाही के चलते आगजनी में भारी जानमाल का नुकसान झेलना पड़ता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 27 अगस्त की रात मल्लीताल स्थित ओल्ड लंदन हाउस में भीषण आग लगी थी, जिसमें इमारत राख हो गई और एक 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची भी, लेकिन गाड़ी का पंप काम नहीं कर रहा था और आसपास के हाइड्रेंट्स में पानी तक उपलब्ध नहीं था।
सभासद जगाती ने चेतावनी दी कि आने वाले समय में माँ नन्दा-सुन्ना मेला जैसे बड़े आयोजनों के दौरान अगर प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने डीएम से तत्काल फायर सिस्टम को मजबूत बनाने की मांग की है

