चमोली: चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में 17 सितंबर की रात एक काली रात बनकर आई। अचानक बादल फटने से सेरा, कुंतरी लगा फाली और धुर्मा गांव भारी तबाही की चपेट में आ गए। कई मकान बह गए, तो कई परिवार बेघर हो गए। इस आपदा में अब तक 5 शव बरामद हो चुके हैं, जबकि लापता लोगों की तलाश एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार कर रही हैं।
सबसे मार्मिक दृश्य सेरा गांव का है, जहां महिपाल गुसाईं का मकान पानी में समा गया। उनकी बेटी नीमा गुसाईं की शादी 23 और 24 सितंबर को तय थी। घर को सजाया-संवारा गया था, साड़ियों और जेवरात से लेकर भोज के सामान तक की तैयारी पूरी हो चुकी थी। लेकिन अचानक आए सैलाब ने सब कुछ बहा दिया। अब घर का आंगन, जहां बारात आनी थी, मलबे में बदल चुका है।
महिपाल गुसाईं बताते हैं, “मैं उस रात गोपेश्वर में था। पत्नी घर पर थीं। अचानक बादल फटने से सब कुछ पानी में बह गया। शुक्र है पत्नी बच गईं, लेकिन घर, गौशाला और शादी का पूरा सामान बह गया।”
आपदा के बाद पूरे नंदानगर क्षेत्र में मातम पसरा है। जिन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई से घर बनाया था, वे आज खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। ग्रामीण रुंधे गले से कहते हैं, हे भगवान, यह कैसी अनहोनी हो गई।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी और पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार लगातार मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन की ओर से खाद्यान्न सामग्री पहुंचाई जा रही है। घायलों को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर अस्पताल भेजा जा रहा है। मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।


