हल्द्वानी/देहरादून: हल्द्वानी स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय (RTO) में शस्त्र लेकर पहुंचने और कार्यालय परिसर में फायरिंग करने के मामले में परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र सिंह नेगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। परिवहन आयुक्त कार्यालय की ओर से 2 सितंबर 2026 को जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), हल्द्वानी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
विभागीय आदेश के अनुसार महेंद्र सिंह नेगी पर आरोप है कि वह 1 सितंबर को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के शस्त्र लेकर RTO कार्यालय पहुंचे थे। आदेश में उल्लेख है कि उसी दिन शाम करीब 3:40 बजे कार्यालय के कर पंजीयन अनुभाग के बाहर शस्त्र से फायर किया गया। घटना के बाद कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया तथा सरकारी कामकाज भी प्रभावित हुआ।
घटना से जुड़े विवरण के अनुसार फायरिंग के दौरान गोली कार्यालय में रखी लोहे की अलमारी को पार करते हुए फाइलों में जा घुसी। गनीमत रही कि गोली किसी कर्मचारी या फरियादी को नहीं लगी और बड़ा हादसा टल गया।
विभागीय स्तर पर घटना से जुड़े CCTV फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें अधिकारी के गोली चलाने की बात सामने आने का उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि घटना से पहले अधिकारी का अपने एक साथी कर्मचारी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद अधिकारी ने कथित तौर पर गुस्से में आकर शस्त्र से फायर किया। घटना के बाद अधिकारी मौके से शस्त्र समेत चले गए थे। मामले में पुलिस स्तर पर भी कार्रवाई की गई है।
परिवहन आयुक्त कार्यालय ने प्रथम दृष्टया महेंद्र सिंह नेगी के कृत्य को उत्तराखंड कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के नियम 3(1) और 3(2) के प्रावधानों का उल्लंघन माना है। निलंबन आदेश में कहा गया है कि अधिकारी पर लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। आरोप सिद्ध होने की स्थिति में उनके खिलाफ बड़ी विभागीय सजा भी दी जा सकती है। इसी आधार पर उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान महेंद्र सिंह नेगी को उपसंभागीय परिवहन कार्यालय, उधमसिंह नगर से संबद्ध किया गया है।
आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता और अनुमन्य महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हालांकि इसके लिए उन्हें प्रमाण-पत्र देना होगा कि निलंबन अवधि के दौरान वह किसी अन्य सेवा, व्यापार, व्यवसाय या पेशे में संलग्न नहीं हैं। RTO कार्यालय में फायरिंग की इस घटना के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। निलंबन आदेश जारी होने के बाद अब मामले में विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
फिलहाल अधिकारी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

