हल्द्वानी:
घटना 23 मई की देर रात पीपलपड़ाव जंगल स्थित भाखड़ा रेंज के प्लॉट संख्या-71 की है, जहां वन विभाग में संविदा पर तैनात प्लांटेशन वॉचर मेवा लाल की कुल्हाड़ी से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंजूनाथ टीसी ने तुरंत पुलिस टीम को खुलासे के निर्देश दिए। इसके बाद एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ अमित सैनी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए।
जांच में मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के कौशांबी निवासी मेवा लाल के रूप में हुई, जो वन विभाग में रोपण रक्षक के तौर पर तैनात था।
पुलिस को शुरुआती जांच में मौके पर मौजूद चौकीदार तिवारी सिंह पर शक हुआ। पूछताछ में उसने बताया कि घटना से पहले दोनों साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान कहासुनी शुरू हुई और विवाद इतना बढ़ गया कि उसने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
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सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि शराब के नशे में गुस्से में आकर उसने मेवा लाल की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। वन बीट अधिकारी की तहरीर पर कोतवाली हल्द्वानी में हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी तिवारी सिंह ऊधम सिंह नगर के गूलरभोज क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में पीपलपड़ाव ब्लॉक में रह रहा था।
मामले के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह मेहता, थानाध्यक्ष सुशील जोशी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक रोहताश सिंह और उपनिरीक्षक संजीत राठौड़ समेत पुलिस टीम शामिल रही।
