सिरोड़ी गांव का नया पुल.
नैनीताल: जिले के भवाली से केवल तीन किलोमीटर दूर सिरोड़ी गांव ने सरकार के विकास के दावों की पोल खोलकर रख दी हैं। यहां पर 2021 में आई आपदा ने पुल, पंचायत घर, स्कूल को अपनी चपेट में ले लिए थे। और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद भी गांव में मे एक कार्य भी नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार मांग उठाने के बावजूद इन सुविधाओं के पुनर्निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
टूटे पुल की वजह से ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए पूर्व जिला उपाध्यक्ष बालम सिंह मेहरा ने अपने किये वादे के अनुसार गांव वालो के लिए एक लोहे का पुल का निर्माण करवाया है, और अब रविवार को गांव के ही बुजुर्ग व्यक्ति ने उद्घाटन किया। पुल बन जाने पर ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
बता दें कि सिरोड़ी गांव सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित था। जिस कारण से ग्रामीणों को करीब 1.5 किमी की खड़ी चढ़ाई में पैदल चलकर स्कूल, कृषि सामग्री बाजार लाने व व्यवसाय के लिए बाजार आते थे। लेकिन 2021 में आई आपदा ने गांव में भयानक तबाही मचाई।
इस आपदा में लोगों को फसलें और खेतो का नुकसान हुआ ही साथ में गाव का पंचायत घर, प्राइमरी स्कूल के साथ ग्रामीणों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला पुल भी टूट गया था। तब से कई बार ग्रामीणों ने नेताओं प्रसाशन से पुल निर्माण की गुहार लगायी लेकिन मिला तो सिर्फ अश्वाशन। पुल ना होने से सबसे ज्यादा खतरा छोटे स्कूली बच्चो व बीमार गर्भवाती महिलाओन को होती थी।
ऐसे में पंचायत चुनाव लड़ते वक्त बीडीसी सदस्य नीलम मेहरा और उनके पति भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष बालम सिंह मेहरा ने क्षेत्र में पुल बनाने का वादा किया था।
पुल बनाने के लिए दोनों ने शासन-प्रशासन स्तर पर काफी प्रयास किए। लेकिन जब कोई फायदा नहीं हुआ तो उन्होंने स्वयं के स्तर पर दो लाख रुपये खर्च कर व्यय से ग्रामीणों के लिए लोहे के पैदल पुल का निर्माण कराया।
