हरिद्वार: कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए हरिद्वार जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, तकनीकी एवं प्राविधिक संस्थानों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया है।
जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इस अवधि में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित रहेंगी। हालांकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सभी शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ मेले के दौरान प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। इससे राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर अत्यधिक भीड़ रहती है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए कई स्थानों पर यातायात डायवर्जन लागू किया जाता है और कुछ मार्ग अस्थायी रूप से बंद भी किए जाते हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं के विद्यालय आने-जाने में कठिनाई और सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ जाता है।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जनपद के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि ऑनलाइन कक्षाओं, अध्ययन सामग्री और अन्य डिजिटल माध्यमों से शिक्षण कार्य नियमित रूप से जारी रखा जाए।
जिलाधिकारी ने सभी संस्थानों से कहा है कि ऑनलाइन कक्षाओं की जानकारी समय रहते विद्यार्थियों और अभिभावकों तक पहुंचाई जाए, ताकि पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान न आए। आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग सहित सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि इस वर्ष हरिद्वार में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक कांवड़ मेला आयोजित होगा। पिछले वर्ष मेले में चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि इस बार यह संख्या पांच करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
