हरिद्वार: चर्चित निठारी कांड के मामलों में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। उसका शव सप्त सरोवर रोड स्थित एक चाय की दुकान के अंदर मिला। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही मौत की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में रह रहा था और हाल में किराये पर चाय की दुकान चला रहा था। पुलिस ने उसके परिवार को सूचना दे दी है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुरेंद्र कोली निठारी कांड से जुड़े कई मामलों में आरोपी रहा था। करीब 19 साल जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी लंबित मामले में उसकी दोषसिद्धि खत्म करते हुए उसे बरी कर दिया था। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट अलग-अलग मामलों में उसे बरी कर चुका था।
सुप्रीम कोर्ट के सामने मुख्य सवाल यह था कि जिन सबूतों के आधार पर कोली एक मामले में दोषी ठहरा था, उन्हीं तरह के सबूतों के आधार पर वह अन्य मामलों में बरी हो चुका था। अदालत ने अंतिम मामले में भी अभियोजन के कथित इकबालिया बयान और बरामदगी के साक्ष्यों को भरोसेमंद नहीं माना और उसकी दोषसिद्धि खत्म कर दी।
नोएडा के सेक्टर-31 स्थित निठारी में वर्ष 2005-06 के दौरान कई महिलाओं और बच्चों के लापता होने के मामले सामने आए थे। दिसंबर 2006 में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे नाले और आसपास के इलाके से मानव अवशेष मिलने के बाद मामला देशभर में चर्चा में आया।
सुरेंद्र कोली उस समय पंढेर के घर में घरेलू नौकर के रूप में काम करता था। जांच के बाद कोली और पंढेर को गिरफ्तार किया गया और बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
जांच एजेंसियों ने कोली के कथित इकबालिया बयान और मानव अवशेषों की बरामदगी समेत कई साक्ष्यों के आधार पर उसके खिलाफ मुकदमे चलाए। अलग-अलग मामलों में उसे कई बार मौत की सजा सुनाई गई थी।
हालांकि, बाद की न्यायिक प्रक्रिया में अभियोजन के साक्ष्यों और जांच के तरीके पर सवाल उठे। अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोली को 12 मामलों में बरी कर दिया। अदालत ने उसके कथित इकबालिया बयान की विश्वसनीयता और बरामदगी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2025 में संबंधित बरी किए जाने के फैसलों को बरकरार रखा। नवंबर 2025 में अंतिम लंबित मामले में भी कोली की दोषसिद्धि खत्म हो गई और उसे जेल से रिहा कर दिया गया।
जेल से बाहर आने के बाद सुरेंद्र कोली हरिद्वार आ गया था। पुलिस के अनुसार वह कुछ समय से यहां रह रहा था और चाय की दुकान चलाकर अपना गुजारा कर रहा था।
शुक्रवार को उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद करीब दो दशक पुराने निठारी कांड का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।


