अभिव्यंजना 5.0 का सीएम धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया
अभिव्यंजना 5.0 का सीएम धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया
कालाढूंगी: ललित फाउंडेशन के पंचम अधिवेशन ‘अभिव्यंजना 5.0’ का शनिवार को कालाढूंगी स्थित नमस्ते कॉर्बेट रिजॉर्ट में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कवि केवल शब्दों के रचनाकार नहीं होते, बल्कि समाज के चिंतक, मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं। उनकी रचनाएं समाज को दिशा देने और सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी कवियों और साहित्यकारों की लेखनी ने लोगों को जागृत करने और आंदोलन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से साहित्य, संस्कृति और सृजन की भूमि रही है। हिमालय की गोद में बसे इस प्रदेश ने अनेक साहित्यकार, कवि और लोकचिंतक दिए हैं, जिन्होंने अपनी रचनाओं से समाज को नई सोच और नई दिशा प्रदान की। उन्होंने सुमित्रानंदन पंत, शैलेश मटियानी, गौरा पंत शिवानी और मोहन उप्रेती जैसे साहित्यिक हस्ताक्षरों का उल्लेख करते हुए उनकी योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास, अशोक चक्रधर और हरिओम पंवार सहित कई नामचीन साहित्यकार मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कवियों ने कविता को मंचों से निकालकर जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को साहित्य से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाज और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कवियों, कवित्रियों और साहित्यकारों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की सोच का सम्मान है।
कार्यक्रम में विधायक बंशीधर भगत, भाजपा पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी साहित्यकारों का स्वागत करते हुए साहित्य और संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
