उत्तराखंड मौसम अपडेट
उत्तराखंड : इन दिनों मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। एक तरफ मैदानी इलाकों में तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 18 अप्रैल से राज्य के पांच प्रमुख पहाड़ी जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अभी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सुबह साफ आसमान और तेज धूप बनी हुई है, लेकिन शाम होते-होते पहाड़ी क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बढ़ने लगी है।
मौसम विभाग के मुताबिक, भू-मध्य सागर से उठे नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बन रही है। मैदानी क्षेत्रों में तापमान बढ़ने से लोग अब पंखे और कूलर का सहारा लेने लगे हैं, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह और रात के समय ठंडक अभी भी बरकरार है।
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विभाग ने चारधाम यात्रा मार्ग और सीमांत जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग के ऊपरी इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है।
खासतौर पर 3800 से 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है।
मौसम विभाग ने तीर्थयात्रियों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि बदलता मौसम यात्रा पर असर डाल सकता है। वहीं दूसरी ओर, मैदानी जिलों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है और लू जैसे हालात बन सकते हैं।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 18 और 19 अप्रैल को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा तेज हवाओं के कारण नुकसान की आशंका भी जताई गई है। जहां पहाड़ों में बर्फबारी पर्यटन को आकर्षित कर सकती है, वहीं सूखे मौसम के कारण जंगलों में आग लगने का खतरा भी बढ़ गया है।
