चालक खुद पहिए के नीचे आए
चंपावत: लोहाघाट क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने हर किसी को भावुक कर दिया। धारचूला से टनकपुर जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम की बस अचानक अनियंत्रित हो गई। बस में सवार 34 यात्रियों की जिंदगी खतरे में थी, लेकिन चालक बेनीराम थ्वाल ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को गहरी खाई में गिरने से बचा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रायकोट महर स्थित कैल बकरियां मंदिर के पास बस में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। स्थिति को भांपते हुए चालक ने बस को खाई की ओर जाने से रोकने के लिए तुरंत पहाड़ी की तरफ मोड़ दिया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया और बस में बैठे सभी यात्री सुरक्षित बच गए।
बताया जा रहा है कि बस को नियंत्रित करने के दौरान चालक साइड का दरवाजा अचानक खुल गया। इसी दौरान बेनीराम थ्वाल संतुलन खोकर नीचे गिर पड़े और दुर्भाग्यवश बस का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बस में सवार 34 यात्रियों में से केवल एक महिला को मामूली चोट आई, जबकि बाकी सभी यात्री सुरक्षित रहे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और परिवहन निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेसीबी की मदद से बस को हटाया गया और चालक के शव को बाहर निकाला गया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
धीरज वर्मा ने बताया कि बस में कुल 34 यात्री सवार थे और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरी बस की व्यवस्था भी की गई।
प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह ब्रेक या स्टीयरिंग फेल होना माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारण तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
