धामी कैबिनेट के बड़े फैसले
धामी कैबिनेट के बड़े फैसले
देहरादून: सचिवालय में आयोजित धामी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े और जनहित से जुड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक की शुरुआत शोक प्रस्ताव के साथ हुई, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी.सी. खंडूड़ी और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज व पद्मश्री सम्मानित जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इसके बाद कैबिनेट ने उत्तराखंड संस्कृत नियमावली-2026 में संशोधन को मंजूरी दी। वहीं सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कोलतार की उपलब्धता प्रभावित होने के कारण कई परियोजनाओं के टेंडर और अनुबंध की समयसीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। आबकारी नियमावली में संशोधन करते हुए वेट और सेस पर लगने वाले दोहरे कर को समाप्त करने का फैसला लिया गया है।
कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में परफ्यूम और सुगंधित उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। वहीं पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से हिमालय कार रैली के आयोजन को भी स्वीकृति दी गई है, जिसमें 25 देशों के प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।
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कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा फैसला उपनल कर्मचारियों को लेकर रहा। सरकार ने समान कार्य के लिए समान वेतन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हजारों उपनल कर्मचारियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है।
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धामी सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार, कर्मचारी हित और पर्यटन व कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
