हल्द्वानी: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार अभियान के दौरान मतदाता सूची में नाम, उपनाम, आयु, पता, हिंदी-अंग्रेजी वर्तनी तथा अन्य अभिलेखीय विसंगतियों के आधार पर सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा पुराने अभिलेखों, शैक्षिक प्रमाणपत्रों और मतदाता सूची के विवरण में अंतर या पारिवारिक रिकॉर्ड में विसंगति मिलने पर भी सत्यापन कराया जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ नोटिस जारी होने से किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। प्रत्येक नागरिक को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। सुनवाई के बाद ही नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
सत्यापन के लिए मान्य दस्तावेज
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार निम्न में से कोई एक दस्तावेज सत्यापन के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है—
केंद्र/राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी का पहचान पत्र अथवा पेंशन भुगतान आदेश।
1 जुलाई 1987 से पूर्व सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर या एलआईसी द्वारा जारी पहचान अथवा प्रमाण पत्र।
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
पासपोर्ट।
मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी शैक्षिक प्रमाण पत्र।
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
वन अधिकार प्रमाण पत्र।
ओबीसी, एससी या एसटी जाति प्रमाण पत्र।
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो)।
परिवार रजिस्टर।
सरकार द्वारा जारी भूमि अथवा मकान आवंटन पत्र।
इन फॉर्मों के माध्यम से कर सकते हैं आवेदन
फॉर्म-6 (संलग्नक-4): नया नाम जोड़ने के लिए।
फॉर्म-7: नाम हटाने के लिए।
फॉर्म-8: नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन अथवा स्थानांतरण के लिए।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्र अविवाहित नागरिक भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं।
जिला प्रशासन ने की सहयोग की अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन रयाल और उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें सत्यापन संबंधी कोई नोटिस प्राप्त हो तो घबराएं नहीं। निर्धारित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही एक शुद्ध, विश्वसनीय और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार की जा सकती है, जो लोकतंत्र की मजबूती की आधारशिला है।
