नैनीताल। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय से एक साथ छह विशेषज्ञ चिकित्सकों के तबादले के आदेश के बाद नैनीताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल और सामाजिक संगठनों ने सरकार से तबादला आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के बीच एक साथ इतने चिकित्सकों का स्थानांतरण मरीजों के हित में नहीं है।
स्थानांतरित किए गए चिकित्सकों में फिजिशियन, सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ समेत अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सकों के एक साथ तबादले से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अस्पताल पहले से ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे समय में छह चिकित्सकों का स्थानांतरण मरीजों के लिए गंभीर परेशानी खड़ी कर सकता है। उन्होंने सरकार से तबादला आदेश निरस्त करने अथवा स्थानांतरित चिकित्सकों के स्थान पर तत्काल नए विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करने की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों ने यह भी सवाल उठाया कि जब बीडी पांडे जिला चिकित्सालय को दुर्गम से सुगम श्रेणी में शामिल किया जा चुका है, तब भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो मरीजों को इलाज के लिए हल्द्वानी और अन्य शहरों पर निर्भर होना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना
