नैनीताल: सरोवर नगरी की पहचान मानी जाने वाली मॉल रोड पर अब अनावश्यक हॉर्न बजाना प्रतिबंधित होगा। जिला प्रशासन ने 1 अगस्त 2026 से तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक पूरे मार्ग को ‘नो हॉर्न ज़ोन’ घोषित करने का फैसला लिया है। इस दौरान हॉर्न बजाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ उत्तराखण्ड मोटरयान नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिला कार्यालय सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस, परिवहन विभाग, नगर पालिका, विकास प्राधिकरण और राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि 1 अगस्त से पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नए नियम की पूरी जानकारी मिल सके।
जिलाधिकारी ने शहर के प्रमुख स्थानों पर ‘नो हॉर्न’ के साइन बोर्ड और फ्लेक्स लगाने के निर्देश भी दिए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, नैनी झील की स्वच्छता और शांत वातावरण बनाए रखने से जुड़े संदेश भी सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएंगे।
उन्होंने व्यापार मंडल, टैक्सी यूनियन, बार एसोसिएशन, नाव संचालकों, डीएसए सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को पहले जागरूक करना है, ताकि नियम लागू होने के बाद उसका प्रभावी पालन सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मॉल रोड पर एक सप्ताह के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए। इन कैमरों के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर नजर रखी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन 24 जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष जागरूकता अभियान भी चलाएगा। इस अभियान में एनसीसी, एनएसएस और मेरा युवा भारत के स्वयंसेवकों की भागीदारी रहेगी, जो लोगों को ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभाव और नए नियमों की जानकारी देंगे।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि नैनीताल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। मॉल रोड पर अनावश्यक हॉर्न बजने से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी होती है। उन्होंने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे नए नियमों का पालन करें और नैनीताल की प्राकृतिक गरिमा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
