नई दिल्ली: लोकसभा ने बुधवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। नए कानून का उद्देश्य सरकारी भर्ती और सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित तरीकों पर सख्त रोक लगाना है। विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
नए संशोधन के तहत पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के लिए कम से कम पांच वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल तथा 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं, यदि मामला संगठित अपराध से जुड़ा पाया जाता है तो दोषियों को कम से कम सात वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना भुगतना होगा।
विधेयक में राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अधिकार दिया गया है। इन अदालतों में रोजाना सुनवाई होगी और चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा जांच भी दो महीने के भीतर पूरी करने का प्रावधान किया गया है।
केंद्र सरकार को आवश्यकता पड़ने पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित करने का अधिकार भी मिलेगा। वहीं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मामलों की पैरवी के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है। किसी भी फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ में अपील की जा सकेगी, जिसका निस्तारण भी तीन महीने के भीतर किया जाएगा।
यह संशोधन NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद लाया गया है। यह कानून UPSC, SSC, रेलवे भर्ती, बैंक भर्ती और NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं समेत अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू होगा।
विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने NEET पेपर लीक प्रकरण से सीख लेते हुए कानून को और अधिक सख्त बनाया है। उन्होंने बताया कि 2024 में एंटी पेपर लीक कानून लागू होने के बाद अब तक 52 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
वहीं, लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री पर आरोप लगाए, जिस पर सदन में हंगामा हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी से अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा, जबकि संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की।
