नैनीताल: तीन दिन की छुट्टियों और वीकेंड के चलते शनिवार को कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। सुबह से ही कैंची धाम के आसपास श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।
भीड़ बढ़ने के कारण भवाली-कैंची धाम मार्ग पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। कैंची से निगलाट तक करीब दो किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई थी। कई यात्रियों ने तीन घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसे रहने की बात कही।
शनिवार को भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी आमद के कारण कैंची धाम जाने वाले मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ा हुआ है। हल्द्वानी, काठगोदाम, भवाली और भीमताल की ओर से आने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने से कई जगह यातायात धीमा रहा।
भवाली से कैंची धाम, गरमपानी और खैरना की ओर जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, लंबे वीकेंड के दौरान कुछ यात्रियों को कैंची धाम तक पहुंचने में कई घंटे लग रहे हैं।
कैंची धाम के साथ ही नैनीताल जाने वाले मार्गों पर भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से यातायात का दबाव बना हुआ है। हल्द्वानी-काठगोदाम से भवाली होते हुए नैनीताल और भीमताल की ओर जाने वाले रास्तों पर भी कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही।
नैनीताल शहर में भी लंबे वीकेंड के चलते पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ पहुंची है। मालरोड, हल्द्वानी रोड और प्रमुख पर्यटन स्थलों के आसपास वाहनों की आवाजाही बढ़ने से ट्रैफिक व्यवस्था पर दबाव देखने को मिला।
भीड़ को देखते हुए पुलिस ने 2 से 4 अक्टूबर तक सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक विशेष यातायात और डायवर्जन प्लान लागू किया है। हल्द्वानी की ओर से भीमताल होते हुए कैंची धाम आने वाले बाहरी जिलों और राज्यों के निजी वाहनों को भीमताल विकास भवन पार्किंग में खड़ा कराने की व्यवस्था की गई है। यहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा या सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से भवाली होते हुए कैंची धाम भेजने की योजना है।
नैनीताल और गेठिया की ओर से आने वाले निजी वाहनों के लिए भवाली सेनेटोरियम पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके बाद श्रद्धालुओं को शटल सेवा से कैंची धाम भेजा जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य कैंची धाम और भवाली क्षेत्र में निजी वाहनों का दबाव कम करना है।
हालांकि, भीड़ इतनी अधिक है कि शटल वाहनों को भी यातायात दबाव का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को शटल सेवा के बावजूद जाम की स्थिति बनी रही थी।
कैंची धाम और आसपास के मार्गों पर पुलिस और यातायात कर्मी लगातार व्यवस्था संभाल रहे हैं। श्रद्धालुओं को कतार में दर्शन कराने के साथ ही वाहनों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात होकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। वहीं जाम के कारण अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत, धारचूला, बागेश्वर और हल्द्वानी की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कैंची धाम और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ी भीड़ का असर स्थानीय कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है। जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने से होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी और अन्य पर्यटन कारोबार में गतिविधियां बढ़ी हैं, वहीं जाम के कारण गरमपानी और आसपास के व्यापारियों को परेशानी भी हो रही है। व्यापारियों ने यातायात व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की मांग की है।
लंबे वीकेंड के चलते कैंची धाम और नैनीताल में पर्यटकों-श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से एक ओर जहां धार्मिक और पर्यटन गतिविधियां तेज हुई हैं, वहीं सीमित सड़क और पार्किंग क्षमता के कारण यातायात प्रबंधन पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।



