चंपावत: राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में राज्य कैबिनेट की बैठक होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में एनएचपीसी परिसर में होने वाली इस बैठक को लेकर जिले में खासा उत्साह है। बैठक के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कैबिनेट बैठक में शामिल होने वाले मंत्रियों और अधिकारियों को पहाड़ की संस्कृति और पारंपरिक खानपान की झलक भी देखने को मिलेगी। लंबे समय बाद किसी जिले में कैबिनेट बैठक आयोजित होने को स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनावी वर्ष होने के कारण इस बैठक में सरकार की ओर से युवाओं, महिलाओं और किसानों से जुड़े कुछ बड़े लोककल्याणकारी फैसले लिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। स्रोत के अनुसार, सरकार के लिए युवा और महिला बड़े मतदाता वर्ग रहे हैं। ऐसे में बनबसा में होने वाली बैठक में महिलाओं के लिए नई कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय हो सकता है। वहीं युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास योजना को नई धार देने से जुड़े फैसले की भी उम्मीद है।
बनबसा भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत का हिस्सा है। विधानसभा उपचुनाव में धामी ने यहां से भारी मतों से जीत हासिल की थी। सरकार की ओर से चंपावत और खटीमा समेत पूरे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दिया गया है। ऐसे में कैबिनेट बैठक में पर्यटन के जरिए रोजगार बढ़ाने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा या निर्णय की संभावना है। चंपावत क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा कॉरिडोर और सीमांत गांवों में पर्यटन विकास जैसे विषयों पर भी सरकार का जोर रहा है।
कैबिनेट बैठक में आगामी विधानसभा सत्र को लेकर भी निर्णय लिए जाने की संभावना है। बैठक में विधानसभा का अगला सत्र कब और कहां आयोजित किया जाएगा, इस पर भी फैसला हो सकता है।
बनबसा में पहली बार हो रही कैबिनेट बैठक को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। अब सभी की नजरें बैठक में होने वाले फैसलों पर टिकी हैं।



