हल्द्वानी: शहर में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर ठगी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए आईजी कुमाऊं ने बड़ा कदम उठाया है। लोगों से लैंड फ्रॉड करने के आरोपी ठेकेदार धनंजय गिरी के खिलाफ विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही लैंड फ्रॉड से जुड़े लोगों के नाम रजिस्ट्री कार्यालय में चस्पा कर दिए गए हैं।
हल्द्वानी स्थित आईजी कैंप कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि बीते दो महीनों में 20 से अधिक पीड़ित सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि धनंजय गिरी ने उन्हें जमीन दिखाकर पैसे ले लिए, लेकिन न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया।
आईजी ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 से अब तक धनंजय गिरी के खिलाफ धोखाधड़ी के 9 मामले दर्ज हो चुके हैं। जांच में लापरवाही पाए जाने पर मामले के विवेचक एसआई अनिल को निलंबित कर दिया गया है।
अब इस पूरे मामले की जांच के लिए नई SIT गठित की गई है, जिसकी कमान एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल को सौंपी गई है। आईजी ने कहा कि टीम सक्रिय रूप से जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी करेगी और पीड़ितों को राहत दिलाने का प्रयास करेगी। जिन लोगों के साथ भी धनंजय गिरी ने ठगी की है, वे एसपी हल्द्वानी, एसएसपी नैनीताल या पुलिस कार्यालय में संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
आईजी कुमाऊं ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि जमीन खरीदने से पहले तहसील या रजिस्ट्री कार्यालय से पूरी वैरिफिकेशन जरूर कराएं, ताकि किसी भी तरह की ठगी से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि धनंजय गिरी और उसके साथियों ने बीते तीन वर्षों में करीब 80 प्रॉपर्टी खरीदी हैं, जिनका ट्रांसफर इनके नाम किया गया। अब तक की जांच में 10 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के संकेत मिले हैं।
आईजी ने बताया कि लैंड फ्रॉड में शामिल लोगों को ब्लैकलिस्ट कर उनके नाम रजिस्ट्री कार्यालय में चस्पा कर दिए गए हैं। शासन के निर्देश पर गठित लैंड फ्रॉड कमेटी की अध्यक्षता आयुक्त कर रहे हैं, जबकि SIT का संचालन कुमाऊं रेंज पुलिस कार्यालय से किया जा रहा है।
